بَابُ اتِّبَاعِ سُنَّةِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
बाब 1 :- सुन्नते रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैरवी का बयान
١) حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، قَالَ: حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنِ الْأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: مَا أَمَرْتُكُمْ بِهِ فَخُذُوهُ، وَمَا نَهَيْتُكُمْ عَنْهُ فَانْتَهُوا
1) हज़रत अबू हुरैरा रज़ियल्लाहू अन्हु से रिवायत है रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: "जिस काम का मैं तुम्हें हुक्म दूं, उस पर अमल करो और जिससे मना करूं उससे रुक जाओ l"
तख़रीज : - मुसनद अहमद (8664)
तहकीम : - हाफिज़ ज़ुबैर अली ज़ई :- सहीह
शेख अलबानी :- सहीह
शोएब अरनौत :- सहीह
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