بَابُ السِّوَاكِ إِذَا قَامَ مِنَ اللَّيْلِ
बाब 2 :- जब रात को नींद से उठे तो मिस्वाक करे
٢) أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ جَرِيرٍ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ أَبِي وَائِلٍ، عَنْ حُذَيْفَةَ قَالَ: كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ «إِذَا قَامَ مِنَ اللَّيْلِ يَشُوصُ فَاهُ بِالسِّوَاكِ»
2) हज़रत हुज़ैफ़ा रज़ियल्लाहू अन्हु से रिवायत है कि अल्लाह के
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रात को नींद से उठते तो अपने मुंह को मिस्वाक
से साफ़ करते थे l
तख़रीज : सही बुख़ारी (245), सही
मुस्लिम (595), सुनन अबू दावूद (55),
इब्ने माजा (286)
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