بَابُ كَيْفَ يَسْتَاكُ
बाब 3 : मिस्वाक कैसे करे?
٣) أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ قَالَ: حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ قَالَ: أَخْبَرَنَا غَيْلَانُ بْنُ جَرِيرٍ، عَنْ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِي مُوسَى قَالَ: " دَخَلْتُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَسْتَنُّ وَطَرَفُ السِّوَاكِ عَلَى لِسَانِهِ وَهُوَ يَقُولُ: عَأْ عَأْ "
3) हज़रत अबू मूसा
रज़ियल्लाहू अन्हु से रिवायत है कि मैं अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के
पास गया तो आप दांत साफ़ कर रहे थे और मिस्वाक का सिरा आपकी ज़बान मुबारक पर था और
आप आ आ कर रहे थे l
तख़रीज : सही बुख़ारी (244),
सही मुस्लिम (592), सुनन अबू दावूद (49)
No comments:
Post a Comment